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तो लिखो…

To Likho – Hindi Poem for Writing Inspiration by Author Subhash Verma

To Likho” एक Hindi poem for writing inspiration है, जो लेखकों को लिखने, सोचने और अपने भीतर की आवाज़ पहचानने के लिए प्रेरित करती है।

अगर शब्द तुम्हारे खून का थक्का बनते हैं
तुम्हारी कोशिकाएं आराम नहीं शब्द ढूंढती है।
और तुम मानसिक तौर पर जीवित हो, मगर
कलम तुम्हारी देह बनकर इतराती है। तो लिखो

अगर तुम जीवन के बाद सोच सकते हो
तुम्हे वह भाषा आती है जो आँखें कहती है
जो दिल सुनना चाहता है, और तुम
बस पढ़ पाते हो, प्रेम, विचार और विरह । तो लिखो

अगर तुम समाज की अमुक भाषा जानते हो
मस्तिष्क की तरंगें संकुचित होती हों
नहीं उलझे हों जीवन की परिभाषा में
और खुद की पहचान रखते हो । तो लिखो

इसलिए नहीं कि लिखने को कुछ है,
इसलिए भी नहीं कि शब्द तुम्हे आकर्षित करते हैं।
बस इसलिए कि तुम लिखकर तुम हो पाते हो
और अपने आप पर गर्व कर सको। तो लिखो…

– सुभाष वर्मा

यह कविता लेखन को पेशा नहीं, पहचान मानती है।
तो लिखो” उन लोगों के लिए है जो शब्दों के बिना अधूरे हैं।

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